तुम हो तो ..........

तुम हो तो हम हैं
तुम हो तो हम हैं      I
तुमसे ही ये गीत- ये नज्म है      I

मैं चाँद , रश्मि हो तुम      I
प्यार के आसमाँ की ,
वो खुबसूरत जमीं हो तुम     I
जिन्हें क्षितिज के उस छोर का इंतजार है
जहाँ दोनों का मिलन हो        I
कैसे बताएं तुम्हें, तुम मेरी कौन हो   ?


सुबह की जवां ओस में ,
दोपहर की तड़पती सोच में ,
ढलती शाम की तन्हाई में ,
रात की हसीन परछाईं में ,
सांसों में - धड़कन में ,
बस तेरा ही अहसास हम-कदम है   I
तुम हो तो हम हैं...

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